बालाकोट
बालाकोट- पाकिस्तान के उत्तरी भाग में खैबर-पख्तूनख्वा प्रान्त के मानसेहरा जिले की कागान घाटी में कुन्हार नदी के किनारे स्थित एक शहर है। यह नालाकोट से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर बलूचिस्तान के दक्षिणी तटवर्ती पट्टी पर स्थित है। इस स्थान का उत्खनन कार्य 1963-70 के मध्य जॉर्ज एफ. डेल्स द्वारा किया गया था। यह स्थल एक बन्दरगाह के रूप में था। यहाँ से हड़प्पा पूर्व तथा हड़प्पा कालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।
बालाकोट की नगर योजना सुनियोजित थी। यहाँ पर भवन निर्माण के लिए मुख्यतः कच्ची ईटों का ही प्रयोग किया जाता था। बालाकोट का सबसे समृद्ध उद्योग सीप उद्योग था। यहाँ की गयी खुदाई में हजारों की संख्या में सीप की बनी हुई चूड़ियों के टुकड़े प्राप्त हुए हैं। यहाँ खुदाई में ढाई हजार ईसापूर्व की निर्मित एक भट्ठी भी मिली है जिसमें सम्भवतः सिरामिक वस्तुओं का निर्माण किया जाता था।
हाल ही के दिनों में बालाकोट भारत द्वारा पाकिस्तान पर की गयी एयर स्ट्राइक के कारण चर्चा का विषय रहा है।
महत्वपूर्ण बिन्दु
- यह पाकिस्तान के उत्तरी भाग में खैबर-पख्तूनख्वा प्रान्त के मानसेहरा जिले की कागान घाटी में स्थित है।
- बालाकोट कुन्हार नदी के किनारे स्थित है।
- इस स्थान का उत्खनन कार्य 1963-70 के मध्य जॉर्ज एफ. डेल्स द्वारा किया गया था।
- यह स्थल एक बन्दरगाह के रूप में प्रसिद्ध था।
- यहाँ से हड़प्पा पूर्व तथा हड़प्पा कालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।
- बालाकोट सुनियोजित रूप से बसाया गया था।
- यहाँ पर भवन निर्माण के लिए मुख्यतः कच्ची ईटों का ही प्रयोग किया जाता था।
- बालाकोट का सीप उद्योग के लिए प्रसिद्ध था।
- हजारों की संख्या में सीप की बनी हुई चूड़ियों के टुकड़े यहाँ उत्खनन से प्राप्त हुए हैं।
- सिरामिक वस्तुओं का निर्माण करने की लगभग 2500 ईसापूर्व की एक भट्ठी भी बालाकोट से मिली है।


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